सीओ अस्मिता ममगाईं ने किया कोतवाली कोटद्वार का अर्द्धवार्षिक निरीक्षण, व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश
अभिलेखों, शस्त्रों, सीसीटीवी प्रणाली और आपदा प्रबंधन उपकरणों की जांच; पुलिसकर्मियों को जनसेवा और जन-पुलिस समन्वय मजबूत करने की हिदायत
कोटद्वार। क्षेत्राधिकारी कोटद्वार अस्मिता ममगाईं ने कोतवाली कोटद्वार का अर्द्धवार्षिक निरीक्षण कर पुलिस व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना परिसर, कार्यालय, मालखाना, बैरक, मैस, सीसीटीएनएस कक्ष और सीसीटीवी प्रणाली का बारीकी से निरीक्षण किया। साथ ही राजकीय अभिलेखों के रखरखाव, शस्त्रों की हैंडलिंग और आपदा प्रबंधन उपकरणों की कार्यशीलता पर विशेष जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान क्षेत्राधिकारी ने कार्यालय में रखे राजकीय एवं महत्वपूर्ण अभिलेखों का अवलोकन किया और सभी रिकॉर्ड को नियमित रूप से अद्यतन रखने के निर्देश दिए। मालखाने में रखी सरकारी संपत्ति, शस्त्रों और कारतूसों का भौतिक सत्यापन भी किया गया। उन्होंने पुलिसकर्मियों से शस्त्रों की हैंडलिंग का अभ्यास करवाते हुए आवश्यक सावधानियों का पालन करने को कहा। इसके अतिरिक्त आपदा प्रबंधन उपकरणों की स्थिति की जांच कर उन्हें हर समय कार्यशील अवस्था में रखने के निर्देश दिए।
पुलिसकर्मियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
निरीक्षण के बाद क्षेत्राधिकारी अस्मिता ममगाईं ने पुलिसकर्मियों का सम्मेलन लेकर विभागीय कार्यप्रणाली और जनसेवा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी आमजन के साथ मृदु, शालीन और संवेदनशील व्यवहार बनाए रखें। साथ ही अपने-अपने बीट क्षेत्र की समुचित जानकारी रखें, ताकि स्थानीय समस्याओं का प्रभावी समाधान किया जा सके और जन-पुलिस समन्वय को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
साइबर और महिला अपराधों के प्रति जागरूकता पर जोर
क्षेत्राधिकारी ने साइबर अपराधों, महिला संबंधी अपराधों और अन्य महत्वपूर्ण कानूनों के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए अधिकाधिक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने पुलिसकर्मियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने पर जोर दिया।
निरीक्षण का उद्देश्य थाना स्तर पर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने, अभिलेखों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा पुलिस की कार्यक्षमता और जनसेवा को और अधिक प्रभावी बनाना रहा।