भारतीय क्रिकेट के दिग्गज तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट को कहा अलविदा
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपने इस फैसले की जानकारी देते हुए भावुक संदेश साझा किया। शमी ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट की सफेद जर्सी भले ही अब उनके सफर का हिस्सा नहीं रहेगी, लेकिन इससे जुड़ी यादें हमेशा उनके साथ रहेंगी। हालांकि, क्रिकेट प्रशंसक उन्हें वनडे और टी-20 प्रारूप में खेलते हुए देख सकेंगे।
64 टेस्ट मैचों में हासिल कीं 229 सफलताएं
36 वर्षीय मोहम्मद शमी ने अपने टेस्ट करियर में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने भारत की ओर से 64 मुकाबले खेलते हुए कुल 229 विकेट अपने नाम किए। इस दौरान उन्होंने छह बार एक पारी में पांच या उससे अधिक विकेट लेने का कारनामा भी किया। नई और पुरानी गेंद से स्विंग कराने के साथ ही सीम मूवमेंट हासिल करने की उनकी क्षमता ने उन्हें भारतीय टीम के प्रमुख तेज गेंदबाजों में शामिल किया।
सफेद जर्सी को लेकर साझा किया भावुक संदेश
शमी ने इंस्टाग्राम पर अपने संन्यास की घोषणा करते हुए लिखा कि वह सफेद जर्सी से विदाई ले रहे हैं, लेकिन उससे जुड़ी यादों को कभी नहीं भूलेंगे। उन्होंने बताया कि जब पहली बार भारत की टेस्ट जर्सी पहनी थी, तब उनके मन में देश के लिए कुछ खास करने का सपना था।
उन्होंने आगे कहा कि टेस्ट करियर के दौरान मिले हर विकेट, संघर्ष, चोट और वापसी ने उन्हें नई सीख दी। उनके लिए टेस्ट क्रिकेट महज एक खेल प्रारूप नहीं, बल्कि जिंदगी का बेहद अहम हिस्सा रहा है।
साथी खिलाड़ियों, कोच और प्रशंसकों का जताया आभार
अपने संदेश में शमी ने उन सभी लोगों को धन्यवाद दिया, जिन्होंने उनके क्रिकेट सफर में साथ दिया। उन्होंने टीम के साथी खिलाड़ियों, कोच, परिवार और करोड़ों भारतीय प्रशंसकों के प्रति आभार जताया। शमी के मुताबिक, मुश्किल दौर में भी प्रशंसकों का भरोसा और समर्थन उनके लिए हमेशा प्रेरणा बना रहा।
इसके साथ ही उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल का भी विशेष रूप से धन्यवाद किया। शमी ने कहा कि इन संस्थाओं ने उनकी प्रतिभा पर भरोसा जताया और करियर को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण अवसर दिए।
2013 में शुरू हुआ था टेस्ट करियर
मोहम्मद शमी ने वर्ष 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। शुरुआती दौर में ही उन्होंने अपनी तेज गेंदबाजी से अलग पहचान बना ली। विदेशी परिस्थितियों में भी विकेट निकालने की क्षमता ने उन्हें भारतीय टीम के लिए बेहद उपयोगी गेंदबाज बनाया।
भारत, दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज में खेले गए 35 टेस्ट मुकाबलों में शमी ने 131 विकेट हासिल किए। इन मैचों में उनका गेंदबाजी औसत 25 से कम रहा।
दक्षिण अफ्रीका में यादगार रहा प्रदर्शन
दक्षिण अफ्रीका की तेज पिचों पर भी शमी ने अपनी गेंदबाजी का लोहा मनवाया। वर्ष 2018 में जोहानिसबर्ग टेस्ट की दूसरी पारी में उन्होंने 28 रन देकर पांच विकेट हासिल किए थे। उनके इस प्रदर्शन की बदौलत भारतीय टीम मुकाबला जीतने में सफल रही।
इसके बाद अगले दक्षिण अफ्रीकी दौरे पर सेंचुरियन में खेले गए पहले टेस्ट में भी शमी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए आठ विकेट चटकाए। इस मुकाबले में भी भारत ने जीत दर्ज की थी।
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में खेला था आखिरी टेस्ट
मोहम्मद शमी ने अपना अंतिम टेस्ट मुकाबला वर्ष 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में खेला था। करियर के दौरान कई बार चोटों के कारण उन्हें मैदान से दूर भी रहना पड़ा, लेकिन उन्होंने हर वापसी के साथ अपनी उपयोगिता साबित की।
टेस्ट क्रिकेट से विदाई के बाद अब शमी का पूरा ध्यान सीमित ओवरों के प्रारूप पर रहेगा। भारतीय क्रिकेट में उनके टेस्ट करियर को शानदार गेंदबाजी और यादगार प्रदर्शनों के लिए हमेशा याद किया जाएगा।