देहरादून में आर्यिका पूर्णमति माताजी का 38वां दीक्षोत्सव शुरू

देहरादून। देहरादून में आर्यिका पूर्णमति माताजी का 38वां दीक्षोत्सव धूमधाम से शुरू हुआ। यह कार्यक्रम धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हुआ। लक्ष्मण चैक स्थित हिन्दू नेशनल स्कूल में तीन दिवसीय दीक्षा दिवस (रत्नत्रयी आराधना) के अंतर्गत परम पूज्या आध्यात्मिक श्रमणी आर्यिका पूर्णमति माताजी का 38वां दीक्षोत्सव तप, त्याग और संयम के साथ हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है।
मंगल विहार और ध्वजारोहण सुबह 6 बजे पूज्य आर्यिका 105 पूर्णमति माताजी ससंघ का प्रिंस चैक जैन धर्मशाला से श्री जी के साथ कार्यक्रम पंडाल की ओर भव्य प्रस्थान हुआ। इसके बाद संदीप जैन (रामपुर वाले) और राहुल जैन द्वारा ध्वजारोहण किया गया। इस दौरान पंडाल का उद्घाटन, दीप प्रज्वलन और चित्र अनावरण की रस्में संपन्न हुईं। सुबह 6.30 बजे अभिषेक एवं शांतिधारा संपन्न हुई। इसके बाद सुबह 7.30 बजे 108 मांडलों पर विशेष गुरु भक्ति विधान का आयोजन किया गया। सुबह 11 बजे विधान की पूर्णता के बाद श्री जी को ससम्मान वापस जैन भवन मंदिर जी में विराजमान किया गया।हर्षवर्धन जैन का मोटिवेशनल सेशनरू दोपहर 2 बजे प्रसिद्ध वक्ता हर्षवर्धन जैन द्वारा एक प्रेरक व्याख्यान दिया गया। इसमें जैन श्रद्धालुओं, अन्य समाज के गणमान्य लोगों, बाहरी क्षेत्रों से आए अतिथियों और वर्णी जैन स्कूल के छात्रों ने बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पूज्य माताजी ने कहा कि जैन साधुओं के प्रवचन आत्म-कल्याण, अहिंसा, संयम, और सरल जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं। इनकी वाणी में सांसारिक मोह-माया को छोड़कर सच्चे सुख और मोक्ष मार्ग को पाने का संदेश होता है।
इसके पश्चात शाम 6 बजे आचार्य भक्ति एवं महाआरती की गई। शाम 7 बजे 108 मांडलों पर श्रद्धा के साथ श्री भक्ताम्बर दीपार्चना का भव्य आयोजन किया गया।इस तीन दिवसीय आयोजन को लेकर पूरे देहरादून के जैन समाज और श्रद्धालुओं में भारी उत्साह का माहौल है। आगामी कार्यक्रमों की श्रृंखला में मीडिया समन्वयक मधु जैन ने बताया कि लघु नाटिका 6.30 (नेमिकुमार एवं श्रीकृष्ण वार्ता) 11 बजे नेमिनाथ की बारात भव्य रूप में (पंडाल से शुरु होकर वापस पंडाल पर ही आयेगी) वैराग्य पर मार्मिक उद्बोधन माताजी द्वारा दिया गया। महाआरती शाम 7.30 बजे भजन संध्या (भजन सम्राट रूपेश जैन द्वारा) की गई।
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