सुभाषनगर में हुआ श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ

देहरादून। सुभाष नगर स्थित सेठ पन्नालाल ग्राउंड (निकट आर्य इंटर कॉलेज) में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ अत्यंत भव्य, दिव्य एवं आध्यात्मिक वातावरण में हुआ। आयोजन के प्रथम दिवस पर ही श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे…

सुभाषनगर में हुआ श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ

देहरादून। सुभाष नगर स्थित सेठ पन्नालाल ग्राउंड (निकट आर्य इंटर कॉलेज) में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ अत्यंत भव्य, दिव्य एवं आध्यात्मिक वातावरण में हुआ। आयोजन के प्रथम दिवस पर ही श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे…

कला, संस्कृति और संगीत का उत्सव बना ‘लम्हे’ का दूसरा दिन

देहरादून। आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी, देहरादून में चल रहे वार्षिक टेक्नोकल्चरल फेस्ट ‘लम्हे 2026’ का दूसरा दिन भी पूरे उत्साह और रंगारंग कार्यक्रमों के साथ सफल रहा । पहले दिन की शानदार सफलता के बाद दूसरे दिन विश्वविद्यालय परिसर फिर से…

मुख्यमंत्री ने किया नगरनिगम के जुगमन्दर हॉल के नवीनीकरण कार्य का लोकार्पण

-“विकास भी, विरासत भी” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही राज्य सरकार-देहरादून को स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक शहर बनाने के लिए निरंतर प्रयास-1400 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं पर तेजी से काम देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार…

मुख्यमंत्री ने किया नगरनिगम के जुगमन्दर हॉल के नवीनीकरण कार्य का लोकार्पण

-“विकास भी, विरासत भी” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही राज्य सरकार-देहरादून को स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक शहर बनाने के लिए निरंतर प्रयास-1400 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं पर तेजी से काम देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार…

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की सीमाएं और सवाल

(जब जांच एजेंसी बन जाए राजनीति का केंद्र बिंदु) -डॉ. प्रियंका सौरभ– भारत के संघीय ढांचे में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का राज्य क्षेत्राधिकार एक ऐसा संवेदनशील और बहुपरतीय मुद्दा बन चुका है, जो केवल कानूनी बहस तक सीमित नहीं है,…

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की सीमाएं और सवाल

(जब जांच एजेंसी बन जाए राजनीति का केंद्र बिंदु) -डॉ. प्रियंका सौरभ– भारत के संघीय ढांचे में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का राज्य क्षेत्राधिकार एक ऐसा संवेदनशील और बहुपरतीय मुद्दा बन चुका है, जो केवल कानूनी बहस तक सीमित नहीं है,…

टपोरी: सड़क से संसद तक

–डॉ. सुशील उपाध्याय– सामान्य परिस्थितियों में यही उम्मीद की जाती है कि अमानक अथवा स्लैंग भाषा के शब्द संसदीय भाषा का हिस्सा नहीं बनेंगे, लेकिन जब फिल्म जगत के लोग राजनीति और संसद तक जाते हैं तो वे कई बार, चाहे अनचाहे, उस भाषा को भी साथ…

नई पीढ़ी को खेती के प्रति प्रोत्साहित करने की जरूरत

खेती को बढ़ावा देने के लिए नई पीढ़ी को खेती के प्रति प्रोत्साहित करने की जरूरत है। जब नई पीढ़ी इस दिशा में आगे आएगी और वैज्ञानिक तरीके से खेती करेगी तभी खेती लाभकारी साबित हो सकेगी। कृषि भूमि को सुरक्षित रखे जाने की जरूरत है। कृषि भूमि…

रासायनिक कृषि का आशाजनक विकल्प बनकर उभरी प्राकृतिक खेती  

प्राकृतिक कृषि रासायनिक कृषि का एक आशाजनक विकल्प बनकर उभरी है। हरित क्रांति के माध्यम से खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के बावजूद रासायनिक कृषि ने मृदा स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाया है और छोटे किसानों के लिए लागत बढ़ा दी है। प्राकृतिक खेती…