साहित्य भी जिन्हें पाकर होता था गर्वित
— हेमचंद्र सकलानी–सर्व प्रथम साहित्य जगत की महान विभूति डॉ गिरिजा शंकर त्रिवेदी जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धा पूर्वक शत शत नमन करता हूं। उनकी शानदार मुस्कराते हुए छवि,हंसी को भूलना मेरे लिए आज भी नामुमकिन सा लगता है ऐसा आभास होता है…