उत्तराखंड कौथिग में लोकसंस्कृति के रंगों ने बांधा समां, तीलू रौतेली की गाथा ने मोहा मन - चरित्र समाचार

उत्तराखंड कौथिग में लोकसंस्कृति के रंगों ने बांधा समां, तीलू रौतेली की गाथा ने मोहा मन

-विद्यालयों, महाविद्यालयों और सांस्कृतिक संस्थाओं की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

-चित्रकला प्रतियोगिता में 12 से अधिक विद्यालयों के विद्यार्थियों ने लिया भाग

देहरादून। अखिल गढ़वाल सभा की ओर से आयोजित उत्तराखंड कौथिग के तीसरे दिन रेंजर्स कॉलेज मैदान में उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति के विविध रंग देखने को मिले। शाम छह बजे विद्यालयों, महाविद्यालयों और सांस्कृतिक संस्थाओं के कलाकारों ने लोकगीतों और पारंपरिक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वीरांगना तीलू रौतेली के जीवन पर आधारित नृत्य-नाटिका से लेकर छोलिया, तांदी, छपेली और जौनसारी लोकनृत्यों तक, हर प्रस्तुति में उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई दी।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं देहरादून के पूर्व महापौर सुनील उनियाल गामा ने दीप प्रज्वलित कर किया। सभा अध्यक्ष रोशन धस्माना और महासचिव गजेंद्र भंडारी ने भी दीप प्रज्वलन के साथ अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कौथिग को जनता का अपार स्नेह मिल रहा है, जिसके लिए गढ़वाल सभा दर्शकों की आभारी है। सभा का निरंतर प्रयास है कि उत्तराखंड की समृद्ध लोक एवं पौराणिक सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए और युवा अपनी जड़ों से जुड़े रहें।

तीलू रौतेली की वीरगाथा ने मोहा मन

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की शुरुआत कोल रॉक स्कूल के विद्यार्थियों ने संस्थापिका इरा कुकरेती के नेतृत्व में वीरांगना तीलू रौतेली के जीवन पर आधारित लगभग 30 मिनट की प्रभावशाली नृत्य-नाटिका से की। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से वीरांगना के साहस, शौर्य और संघर्ष को जीवंत किया। इसके बाद ब्रह्मकमल संस्था के कलाकारों ने मां नंदा देवी की डोली के साथ ‘जय बोला जय भगवती नंदा’ गीत पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया।

स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने ‘जो माया’ गीत पर शानदार नृत्य की प्रस्तुति दी। माया इंस्टीट्यूट के महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने पारंपरिक तांदी नृत्य ‘मोरसिंघ मामा कोइके शुणी जंगू लू’ के माध्यम से लोकसंस्कृति की छटा बिखेरी। देवभूमि विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने ‘नारायणी ज्वाला दुर्गा भवानी’ सहित विभिन्न गीतों पर सामूहिक लोकनृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की सराहना प्राप्त की।

स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने पारंपरिक छोलिया नृत्य की शानदार प्रस्तुति देकर माहौल को उत्साह से भर दिया। इसके बाद ब्रह्मकमल संस्था के कलाकारों ने ‘पारा भीड़े की बसंती छोरी रमा झंमा’ गीत पर छपेली नृत्य प्रस्तुत किया। स्पर्श जनजाति सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था के कलाकारों ने ‘जौनसार है टांस जमुना के बीच है मेरे बांको’ गीत पर हारुल नृत्य प्रस्तुत कर जौनसार-बावर की सांस्कृतिक पहचान को मंच पर साकार किया।

कार्यक्रम के समापन की ओर ब्रह्मकमल संस्था ने जौनपुरी क्षेत्र के प्रसिद्ध गीत ‘हरसू मामा’ पर प्रस्तुति दी। इस लोकगीत और नृत्य ने दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। पूरे आयोजन के दौरान मैदान लोकधुनों, पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक उल्लास से सराबोर रहा।

चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

कौथिग के तीसरे दिन सुबह 11 बजे स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें 12 से अधिक विद्यालयों के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग कर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के संयोजक डॉ. सूर्य प्रकाश भट्ट और द्वारिका बिष्ट ने बताया कि प्रतियोगिता दो वर्गों में आयोजित की गई।

कक्षा नौ तक के कनिष्ठ वर्ग में सारा देव इंटरमीडिएट कॉलेज के आकाश पासवान ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। सेंट जोसेफ अकादमी के सात्विक भट्टाचार्य द्वितीय और सारा देव इंटरमीडिएट कॉलेज के अंकित कुमार ठाकुर तृतीय स्थान पर रहे। इसी विद्यालय के अंश पंवार को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।

कक्षा 10 से 12 तक के वरिष्ठ वर्ग में श्री गोवर्धन सरस्वती विद्या मंदिर की रुचि गुप्ता ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसी विद्यालय की आरुषि रावत द्वितीय स्थान पर रहीं। संत कबीर अकादमी, मियांवाला के आरव अग्रवाल ने तृतीय स्थान हासिल किया, जबकि सारा देव इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रियांशु पाल को सांत्वना पुरस्कार मिला।

प्रतियोगिता में डॉ. जागृति डोभाल, किरण खंडूड़ी और डॉ. अनिल वर्मा ने निर्णायक की भूमिका निभाई।

निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में 104 मरीजों को मिला लाभ

कौथिग के दौरान हेल्थ नेटवर्किंग सेवा संस्थान और कनिष्क अस्पताल की ओर से निशुल्क स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया। शिविर में कुल 104 मरीजों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। शिविर में डॉ. रेणुका सिंह, डॉ. एसपी भट्ट, आभा शर्मा, डॉ. तुषार और डॉ. संजना सहित स्वास्थ्यकर्मियों ने सेवाएं दीं।

कार्यक्रम का संचालन पंडित उदय शंकर भट्ट ने किया। इस अवसर पर सभा अध्यक्ष रोशन धस्माना, महासचिव गजेंद्र भंडारी, प्रवक्ता अजय जोशी, सहसचिव संतोष गैरोला, सूर्य प्रकाश भट्ट, वीरेंद्र असवाल, लक्ष्मी बहुगुणा, मुनि राम सकलानी और नंद किशोर हटवाल सहित सभा के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.