माइन टैग की अंतिम तिथि बढ़ी, अब 15 अक्टूबर तक मिलेगा मौका
-बिना माइन टैग 15 अक्टूबर के बाद खनन वाहनों का संचालन होगा बंद
-55 हजार में सिर्फ 15 हजार वाहनों पर लगा माइन टैग, शेष वाहन मालिकों को अंतिम अवसर
देहरादून। उत्तराखंड में वर्षाकाल के बाद खनन गतिविधियां दोबारा शुरू होने के साथ ही खनन कार्य में लगे वाहनों में माइन टैग लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। व्यापारियों, वाहन संचालकों और अन्य संबंधित लोगों के अनुरोध को देखते हुए विभाग ने माइन टैग लगाने की अंतिम समय सीमा बढ़ाकर 15 अक्टूबर 2026 कर दी है।
विभाग की ओर से प्रदेश के विभिन्न जिलों में माइन टैग कैंप भी लगाए गए हैं। इन कैंपों के माध्यम से वाहन मालिक, ट्रांसपोर्टर और क्रशर संचालक अपने वाहनों में निर्धारित प्रक्रिया के तहत माइन टैग लगवा सकते हैं। माइन टैग लगवाने के लिए वाहन मालिक को संबंधित कैंप में अपना वाहन और आरसी बुक लेकर जाना होगा। इसके लिए निर्धारित 129.45 रुपये शुल्क ऑनलाइन जमा करना होगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि 15 अक्टूबर 2026 के बाद बिना माइन टैग वाले वाहनों को खनन कार्य में संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे में वाहन संचालकों के पास टैग लगवाने के लिए अब सीमित समय ही शेष है।
प्रदेश में खनन कार्यों में करीब 55 हजार वाहन उपयोग में हैं, लेकिन अब तक लगभग 15 हजार वाहनों में ही माइन टैग लगाया जा सका है। बड़ी संख्या में वाहन अभी भी माइन टैग से वंचित हैं। इसे देखते हुए विभाग ने शेष वाहन मालिकों, ट्रांसपोर्टरों और क्रशर संचालकों से अपील की है कि वे निर्धारित अंतिम तिथि से पहले अपने वाहनों में अनिवार्य रूप से माइन टैग लगवा लें, ताकि 15 अक्टूबर के बाद खनन कार्य में संचालन को लेकर किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।