शैक्षणिक नेतृत्व को सुदृढ़ करने को आईआईटी रुड़की ने उच्च शिक्षा में नर्चरिंग फ्यूचर लीडरशिप प्रोग्राम के 10वें बैच का सफल आयोजन किया
– पाँच दिवसीय आवासीय कार्यक्रम में देशभर के 20 से अधिक संस्थानों के शैक्षणिक नेताओं ने भाग लिया।
– पहल ने विकसित भारत 2047 की परिकल्पना के अनुरूप नेतृत्व, सुशासन, नवाचार और संस्थागत उत्कृष्टता को सुदृढ़ किया।
रुड़की: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) ने शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की पहल मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत 8–12 जुलाई, 2026 के दौरान नर्चरिंग फ्यूचर लीडरशिप प्रोग्राम के 10वें बैच का सफल आयोजन किया। इस पाँच दिवसीय आवासीय कार्यक्रम का उद्देश्य संकाय सदस्यों एवं शैक्षणिक प्रशासकों की नेतृत्व क्षमताओं को सुदृढ़ करना तथा उच्च शिक्षण संस्थानों में नवाचार, संस्थागत उत्कृष्टता एवं प्रभावी प्रशासन को बढ़ावा देना था।
इस कार्यक्रम में देशभर के लगभग 20 विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों से 30 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिससे शैक्षणिक नेतृत्व से जुड़ी सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान तथा सहयोगात्मक अधिगम के लिए एक सशक्त मंच उपलब्ध हुआ।
20 विषयगत सत्रों से युक्त व्यापक पाठ्यक्रम में परिवर्तनकारी नेतृत्व, संस्थागत प्रशासन, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, विकसित भारत 2047, नवाचार एवं डिज़ाइन थिंकिंग, सार्वभौमिक मानवीय मूल्य, संगठनात्मक व्यवहार, प्रेरणा, टीम निर्माण तथा लैंगिक संवेदनशीलता जैसे प्रमुख विषयों को शामिल किया गया।
इन सत्रों का संचालन प्रख्यात शिक्षाविदों, प्रशासकों, उद्योग विशेषज्ञों एवं वरिष्ठ लोक अधिकारियों द्वारा किया गया, जिनमें प्रो. के. के. पंत, प्रो. प्रवीण कुमार, प्रो. नवीन के. नवानी, प्रो. मीनाक्षी रावत, डॉ. तुहीना मुखर्जी, डॉ. अरुण भारद्वाज, डॉ. हिताशी लोमाश, प्रो. एच. सी. पोखरियाल, प्रो. सोनल अत्रेया, प्रो. आर. प्रदीप कुमार, एयर कमोडोर अजय कुमार चौधरी तथा सेंथिल अवूदाई कृष्णा राज, आईपीएस शामिल थे।
अनुभवात्मक अधिगम के अंतर्गत प्रतिभागियों ने देहरादून स्थित लेखक गाँव का भ्रमण किया, जहाँ उन्होंने डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ एवं सुश्री विदुषी पोखरियाल के साथ संवाद किया। इस संवाद ने भविष्य के शैक्षणिक नेताओं के निर्माण में साहित्य, सांस्कृतिक विरासत, नैतिक नेतृत्व तथा मूल्य-आधारित शिक्षा की भूमिका को रेखांकित किया।
कार्यक्रम में समूह गतिविधियों, डिज़ाइन थिंकिंग कार्यशालाओं, ट्रांजैक्शनल एनालिसिस सत्रों, चिंतनपरक चर्चाओं एवं प्रतिभागी प्रस्तुतियों सहित सहभागी शिक्षण पद्धतियों को अपनाया गया, जिससे सहयोग, आलोचनात्मक चिंतन एवं अंतर-संस्थागत अधिगम को बढ़ावा मिला। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम के व्यावहारिक दृष्टिकोण तथा विविध शैक्षणिक पृष्ठभूमियों से आए विशेषज्ञों एवं सहकर्मियों के साथ संवाद के अवसर की सराहना की। कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों के अनुभव-साझाकरण एवं समापन सत्र के साथ हुआ, जिसने नेतृत्व विकास, संस्थागत उत्कृष्टता तथा क्षमता निर्माण के प्रति आईआईटी रुड़की की प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट किया। NFLP जैसी पहलों के माध्यम से संस्थान विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप दूरदर्शी शैक्षणिक नेतृत्व को निरंतर प्रोत्साहित कर रहा है। इस कार्यक्रम ने संस्थागत परिवर्तन, नवाचार को बढ़ावा देने तथा उच्च शिक्षा में गुणवत्ता उन्नयन के लिए प्रतिबद्ध शैक्षणिक नेताओं के एक राष्ट्रव्यापी नेटवर्क को और अधिक सुदृढ़ किया।
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