बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा हेराफेरी मामले में आरोपी कर्मचारी गिरफ्तार
देहरादून। बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के मामले में पुलिस ने आरोपी बीकेटीसी कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने आरोपी को देहरादून से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम आरोपी को पूछताछ के लिए बदरीनाथ कार्यालय लेकर गई है। इस मामले में साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस टीम आरोपी की तलाश कर रही थी। उसके संभावित जगहों पर भी लगातार दबिश दी जा रही थी। आखिरकार पुलिस को सफलता मिली और उसे देहरादून से हिरासत में ले लिया गया। बताया जा रहा है कि मंदिर में प्राप्त चढ़ावे के रखरखाव और जमा प्रक्रिया के दौरान वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत सामने आने के बाद मामले की जांच शुरू की गई थी। प्रारंभिक जांच में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी के संकेत मिलने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद आरोपी फरार हो गया था, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीम लगातार प्रयास कर रही थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर पूरे प्रकरण में अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। मामले से जुड़े दस्तावेज, रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने कहा है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी और दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने 25 जून की सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो उसमें भी आरोपी नोटों की गड्डी ले जाते हुए दिख रहा है। पुलिस ने बीकेटीसी से मामले की आंतरिक जांच रिपोर्ट और अन्य आवश्यक दस्तावेज कब्जे में ले लिए हैं। पुलिस के अनुसार, बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की गणना सामान्यतः तीन से चार दिन के अंतराल में होती है। इस अवधि में 25 जून, 29 जून और 2 जुलाई को गणना की गई थी। जांच टीम ने इन तीनों दिनों के सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में लेकर क्रमवार देख रही है। रविवार को पुलिस ने जब 25 जून को हुई गणना की सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो इसमें भी आरोपी कर्मचारी नोटों की गड्डी ले जाते हुए दिख रहा है। रविवार को पुलिस ने बीकेटीसी के कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए। दो जुलाई को हुई चढ़ावे की गणना के दौरान आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल समेत 12 से अधिक लोग गणना कक्ष में मौजूद थे। इनमें कुछ स्थानीय साधु-संत भी थे, जो अक्सर चढ़ावे की गणना की प्रक्रिया में भाग लेते रहे हैं। पुलिस उनसे भी पूछताछ कर रही है।