टीएचडीसी इंडिया ने स्वच्छ और हरित भारत के विजन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी
ऋषिकेश। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने राष्ट्रव्यापी स्वच्छता पखवाड़ा में सक्रिय भागीदारी के माध्यम से एक स्वच्छ और हरित भारत के विजन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया है। यह पखवाड़ा 16 मई से 31 मई तक निगम के सभी कार्यालयों, परियोजना स्थलों और परिचालन इकाइयों में मनाया जा रहा है। सिपन कुमार गर्ग, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने अवगत कराया कि टीएचडीसीआईएल द्वारा स्वच्छता, साफ-सफाई, स्वच्छता व्यवस्था, पर्यावरण जागरूकता और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समर्पित प्रयासों के साथ श्स्वच्छता पखवाड़ाश् मनाया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह पहल टीएचडीसी की स्वच्छता और पर्यावरणीय सततता को बढ़ावा देने के साथ-साथ सामूहिक जिम्मेदारी और जन-जागरूकता के माध्यम से एक स्वस्थ और स्वच्छ समाज के निर्माण के प्रति टीएचडीसीआईएल की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इस अवसर के उपलक्ष्य में, कार्यपालक निदेशक (सी एंड एमएम और सीपी), नीरज वर्मा ने ऋषिकेश स्थित टीएचडीसीआईएल कॉर्पोरेट कार्यालय में स्वच्छता की शपथ दिलाई, जिसमें स्वच्छता बनाए रखने और स्वस्थ वातावरण को बढ़ावा देने के प्रति सामूहिक संकल्प की पुष्टि की गई। स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत, टीएचडीसीआईएल के परियोजना स्थलों और आस-पास के समुदायों में जागरूकता और आउटरीच से संबंधित कई गतिविधियों का आयोजन किया गया। स्वच्छता, साफ-सफाई और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, स्वच्छ भारत, हरित भारत, स्वस्थ भारत की थीम पर आधारित नुक्कड़ नाटकों की एक श्रृंखला ऋषिकेश के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों (जिनमें जानकी सेतु और त्रिवेणी घाट शामिल हैं) में आयोजित की गई। नरेंद्र महिला विद्यालय, बागी की छात्राओं द्वारा इसी तरह के जागरूकता प्रदर्शन टिहरी-गढ़वाल में टीएचडीसीआईएल के प्रशासनिक भवन, मैकेनिकल कार्यालय कोटी और टिहरी झील बोटिंग पॉइंट पर भी आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्घ्त, झाँसी, अमेलिया कोयला खदान परियोजना, 1000 मे.वा. टिहरी एचपीपी, 444 मे.वा.वीपीएचईपी यूनिट, 400 मे.वा. कोटेश्वर, 1320 मे.वा. एसटीपीपी खुर्जा, नमसाई ट्रांजिट कैम्प, अरुणाचल प्रदेश सहित विभिन्न परियोजना स्थलों पर स्वच्छता अभियान, चित्रकला प्रतियोगिताएँ, निबंध लेखन गतिविधियाँ, जागरूकता कार्यशालाएँ, हस्ताक्षर अभियान एवं स्वच्छता जागरूकता रैलियाँ जैसी कई समुदाय-केंद्रित पहलें आयोजित की गई हैं। इन गतिविधियों का केंद्र विशेष रूप से छात्रों, महिलाओं और स्थानीय निवासियों के बीच पर्यावरण चेतना, स्वच्छता जागरूकता, कचरा प्रबंधन और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने पर रहा है। मासिक धर्म स्वच्छता और महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष जागरूकता सत्र कई स्थानों पर आयोजित किए गए, जिनमें छात्राओं, महिला निवासियों और कर्मचारियों ने उचित स्वच्छता प्रथाओं और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संवादात्मक चर्चाओं में सक्रिय रूप से भाग लिया।
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