केदारनाथ धाम यात्राः यात्रियों को मिल रही त्वरित एवं प्रभावी चिकित्सा सुविधा

-3 दिनों में कुल 6733 यात्रियों को ओपीडी एवं इमरजेंसी सेवाएं प्रदान की गई
-अब तक 4 यात्रियों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से भेजा गया हायर सेंटर
-13 यात्रियों को एम्बुलेंस के माध्यम से सुरक्षित पहुंचाया नजदीकी अस्पताल

देहरादून। उच्च हिमालयी क्षेत्र में संचालित केदारनाथ धाम यात्रा 2026 के दौरान जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को श्रद्धालुओं हेतु प्रभावी एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा रहा है। संपूर्ण यात्रा मार्ग से लेकर धाम क्षेत्र तक स्थापित चिकित्सा इकाइयों, मेडिकल रिलीफ पोस्ट, बेस कैंप चिकित्सालयों तथा हेली एवं एम्बुलेंस रेस्क्यू सेवाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं को त्वरित उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यात्रा प्रारम्भ से अब तक 3 दिनों में धाम स्थित चिकित्सालयों में कुल 6733 यात्रियों को ओपीडी एवं इमरजेंसी सेवाएं प्रदान की गई हैं। दिनांक 24 अप्रैल को 4993 श्रद्धालुओं का उपचार किया गया। इसी प्रकार अब तक 2869 यात्रियों की स्वास्थ्य जांच/स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिनमें से आज 1311 जांचें एक ही दिन में की गईं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा यात्रा से पहले और यात्रा के दौरान नियमित परीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे संभावित जोखिम वाले यात्रियों की समय रहते पहचान हो सके।
रेस्क्यू व्यवस्था की बात करें तो अब तक 4 यात्रियों को हेली सेवा के माध्यम से उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर किया गया है, 13 यात्रियों को एम्बुलेंस के माध्यम से जबकि 07 श्रद्धालुओ को डंडी कंडी के माध्यम से सुरक्षित नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया है, जो प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया को दर्शाता है। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान अब तक 11 यात्री अस्वस्थ अथवा यात्रा हेतु अयोग्य पाए गए हैं, जिनमें 2 मामले आज के दिन के हैं। ऐसे त्रयात्रियों को यात्रा न करने अथवा चिकित्सकीय सलाह के अनुरूप आगे बढ़ने की सलाह दी गई है। यात्रा के दौरान स्वास्थ्य निगरानी के चलते गंभीर मामलों में भी तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।  हेली रेस्क्यू के माध्यम से अब तक 04 मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्र में भेजा गया।
23 अप्रैल को दो गंभीर मरीजों को हेली रेस्क्यू के माध्यम से उच्च चिकित्सा केंद्र में भेजा गया। इनमें गुजरात के मेहसाणा निवासी 55 वर्षीय धनजी भाई को सांस लेने में तकलीफ और शरीर के दाहिने हिस्से में कमजोरी की स्थिति में केदारनाथ क्षेत्र से बेस कैंप चिकित्सालय लाया गया। जांच में उनका ऑक्सीजन स्तर अत्यंत कम पाया गया, जिसके बाद प्राथमिक उपचार देकर उन्हें जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग के लिए हेली सेवा से रेफर किया गया।
दूसरे मामले में नागपुर (महाराष्ट्र) निवासी 19 वर्षीय मंदार मधुकर को पिछले दो दिनों से सांस लेने में कठिनाई, चक्कर एवं कमजोरी की शिकायत थी। केदारनाथ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जांच के दौरान उनका ऑक्सीजन स्तर कम पाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हेली सेवा से जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग भेजा गया, जहां से एम्बुलेंस द्वारा अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वहीं आज 24 अप्रैल 2026 को भी 02 गंभीर मरीजों को हेली रेस्क्यू के माध्यम से उच्च चिकित्सा केंद्र में भेजा गया।
जिला प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग पर चिकित्सा सेवाओं को 24×7 सक्रिय रखा गया है। विभिन्न स्थानों पर ऑक्सीजन सुविधा, प्रशिक्षित चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, एम्बुलेंस और हेली सेवाएं तैनात हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा पर आने से पूर्व अपना स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य कराएं, निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर तुरंत नजदीकी चिकित्सा केंद्र से संपर्क करें।
कुल मिलाकर, केदारनाथ यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की सुदृढ़ व्यवस्था और त्वरित रेस्क्यू प्रणाली के चलते श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम यात्रा अनुभव प्रदान करने की दिशा में प्रशासन निरंतर सक्रिय है।

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