मानव एकता दिवस पर निरंकारी सत्संग भवन में आयोजित हुआ रक्तदान शिविर

-करुणा, प्रेम और सह-अस्तित्व का सजीव उत्सव है मानव एकता दिवस

देहरादूनर। जब हृदय में करुणा, प्रेम और एकत्व की दिव्य चेतना जागृत होती है, तब मानव अपने सीमित स्वार्थों से ऊपर उठकर सम्पूर्ण सृष्टि के कल्याण का सशक्त माध्यम बन जाता है। परोपकार, करुणा और परमार्थ जैसे अलौकिक मूल्यों से प्रकाशमान यह पावन अवसर उस दिव्य अनुभूति का प्रतीक बना, जहाँ “मानव को मानव हो प्यारा, एक-दूजे का बने सहारा” का संदेश केवल शब्दों तक सीमित न रहकर हृदयों में जीवंत हुआ।
‘मानव एकता दिवस’ 24 अप्रैल को, बाबा गुरबचन सिंह की दिव्य स्मृति में, सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज संत निरंकारी सत्संग  भवन हरिद्वार बाई पास रोड देहरादून में रक्त दान शिविर का आयोजन किया गया । इसके साथ ही समूचे देश की हजारों सत्संग केंद्रो पर श्रद्धा और समर्पण भाव से सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि प्रेम, सद्भाव और निष्काम सेवा का जीवंत स्वरूप बनकर उभरा है। संत निरंकारी मण्डल के सचिव जोगिन्दर सुखीजा ने जानकारी देते हुए बताया कि समूचे भारतवर्ष के लगभग 200 स्थानों पर रक्तदान शिविरों का सफल आयोजन किया गया। जिससे लगभग 40,000 यूनिट रक्त संकलित किया गया, जो निष्काम सेवा, परोपकार और मानवता के प्रति समर्पण की जीवंत अभिव्यक्ति बनकर उभरा। युगप्रवर्तक बाबा गुरबचन सिंह जी की स्मृति में यह दिवस वर्षभर चलने वाली सेवा-सरिता का शुभारंभ है, जिसके अंतर्गत देशभर में लगभग 705 स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए गये है जो करुणा और एकत्व की भावना को निरंतर सुदृढ़ करेंगे। उल्लेखनीय है कि रक्तदान की यह पावन परंपरा पिछले चार दशकों से निरंतर जारी है। अब तक 9,174 रक्तदान शिविरों के माध्यम से लगभग 15,00,230 यूनिट रक्त संकलित किया जा चुका है, जो मानव सेवा के प्रति निरंकारी मिशन की अटूट प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण है। मानव एकता दिवस के अवसर पर ब्रांच .देहरादून. में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया मसूरी जोन 55 के जोनल इंचार्ज हरभजन सिंह जी एवम् स्थानीय संयोजक नरेश विरमानी जी,एवम् सेवादल के सभी भाई-बहनों ने रक्तदान शिविर को सफल बनाने में भरपूर योगदान किया। जिसमे दून मेडिकल कॉलेज एव  इंद्रेश अस्पताल देहरादून के अनुभवी चिकित्सक एवं उनकी टीम ने रक्तदाताओं की समुचित स्वास्थ्य जांच के उपरांत सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से रक्तदान की प्रक्रिया सम्पन्न कराई जिनसे 269 रक्त युनिट संकलित की गई। संपूर्ण आयोजन के दौरान स्वच्छता, सतर्कता एवं सेवा-भाव का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे यह पहल केवल जीवनदायिनी सेवा तक सीमित न रहकर मानवता, करुणा और उत्तरदायित्व के उच्चतम आदर्श का प्रतीक बनकर उभरी। –

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